निम्नलिखित 50 मुहावरों के साथ उनके अर्थ और उत्तर दिए गए हैं:
1. **आलू-बुखारा खाना**: किसी को बेवकूफ बनाना, धोखा देना।
2. **अंधा किसके बाग में हाथी**: किसी अज्ञात चीज को देखकर उसका पूरा अनुमान लगाना।
3. **अंत भला तो सब भला**: बुरे काम को चुपचाप देखना, बचना।
4. **अंत में गांव वाला ही जीतता है**: बड़े प्रतिस्पर्धी के बावजूद छोटे प्रतिस्पर्धी को जीत हासिल होती है।
5. **अब पछताए होत क्या जब चिड़िया चुग गई खेत**: काम के आगे की फिक्र करना, जब वो बीत चुका हो।
6. **अब पाचते क्या होत जब चिड़िया चुग गई खेत**: काम के आगे की फिक्र करना, जब वो बीत चुका हो।
7. **अब तो हाथों हाथ जोड़ना**: आवश्यक काम के लिए मदद मांगना।
8. **आप भले तो जग भला**: यदि आप ठीक रहते हैं, तो सब ठीक होता है।
9. **अनधिक केंद्र में बंदर**: एक गोल में अनवांछित रूप से प्रशंसा प्राप्त करने वाला व्यक्ति।
10. **आपके मुँह में गीट्ठा आ गई**: अचानक कुछ खराब समाचार सुनना।
11. **बंदर क्या जाने अदरक का स्वाद**: व्यक्ति जो ज्ञान नहीं रखता, उसे समझ नहीं आता कि कुछ मूढ़ बातें क्यों हो रही हैं।
12. **बड़े मुंह वाले छोटे काम आयेंगे**: किसी व्यक्ति के बड़े दावों के बावजूद, वह अच्छे काम नहीं कर सकता है।
13. **बहन की विदाई एक आंसू की मूल्यांकन के बराबर होती है**: किसी चीज की मूल्य को समझने के लिए उसकी अहमियत को महसूस करना।
14. **बालक की ख़ाल में हींड़ी होना**: किसी के बड़े पुत्र का स्वभाव देखकर उसकी उम्र का अ
नुमान लगाना।
15. **बैल को बच्चा नहीं कहते**: यदि कोई व्यक्ति अपने योग्यता के अनुसार सम्मान नहीं पाता है, तो उसे अच्छे अंदाज़ में व्यवहार नहीं करना चाहिए।
16. **बालक को हींड़ी अछी लगती है**: किसी के बड़े पुत्र का स्वभाव देखकर उसकी उम्र का अनुमान लगाना।
17. **बिना तंदुरुस्ती का काम बनना**: किसी काम को बिना योग्यता के करने की कोशिश करना।
18. **बूढ़ा आदमी घर का भाग्य जानता है**: जीवन के अनुभव से उम्र के साथ साथ ज्ञान भी बढ़ता है।
19. **बूढ़ापे में आंखों की गिनती न करना**: किसी के दिक्कतों को नजरअंदाज करना।
20. **बूढ़ापे में बूढ़ापा घर आया**: बड़े होने के साथ ही व्यक्ति की व्यवस्था बदल जाती है और वह बड़ा और अधिक अच्छा होता है।
21. **छोटा भाई भगवान का रूप होता है**: छोटे भाई को खास रूप से प्रेम और स्नेह देने का कहावत।
22. **छोटी मुल्ली चराना**: घटिया खाना।
23. **छोटे आदमी की बड़ी अर्थी**: किसी छोटे व्यक्ति को बड़ा बनाने के लिए बड़े व्यक्ति की आवश्यकता होती है।
24. **छुटभे भाग्य से बड़ी मिल जायेगी**: बिना प्रयास के सफलता प्राप्त करने का अर्थ।
25. **दान का बदला जाना चाहिए**: किसी का उपकार करने के बदले में वही काम करना जो उसके लिए किया गया है।
26. **दुख में सुख की बातें करना**: अपने दुख और समस्याओं के बारे में बात करने की बजाय दूसरों के खुशियों की बात करना।
27. **दूर के ढोल सुहावने**: किसी अच्छे काम को दूर से देखने का अर्थ।
28. **दूसरों की खुशियाँ अपनी खुशियाँ, और दूसरों की मुश्किलें अपनी मुश्किलें**: दूसरों की बातों को अपनी बातें मान लेना।
29. **धोबी का कुत्ता न घर का ना घाट का**: किसी को खराब या आपत्तिजनक स्थिति में पड़ते देखने का अर्थ।
30. **ना घर का ना घाट का**: किसी को खराब या आपत्तिजनक स्थिति में पड़ते देखने का अर्थ।
31. **ना ताली बजाओ ना बजाने दो**: किसी को सही समय पर तारीफ न करना।
32. **नाक
के नीचे लोट पोट होना**: किसी के सामाजिक या आर्थिक स्थिति को घातक रूप से नुकसान पहुँचना।
33. **नाक में दम करना**: उत्साहित होना, सफलता के लिए पूरी कोशिश करना।
34. **नाक में दम करने वाला**: एक उत्साही और सफल व्यक्ति।
35. **नाच न जाने आंगन टेढ़ा**: किसी को एक काम के लिए कौशल न होने की आलोचना करना जिसके बारे में आपको कुछ भी ज्ञान न हो।
36. **निकल पड़ना**: बिना सोचे-समझे किसी समस्या से बाहर निकल जाना।
37. **नज़र का काम है सदियों से तमाशा करना**: किसी व्यक्ति या चीज को देखकर उसके बारे में गाली देना।
38. **नामक हराम का दरिया**: किसी अव्यवस्थित और विश्वास नहीं करने योग्य चीज का अर्थ।
39. **नैतिक इन्साफ का पुलिस**: कानून और न्यायिक प्रक्रिया का पालन करने वाला व्यक्ति।
40. **नैतिक जागरूकता**: आचार और अदर्शों के प्रति जागरूकता।
41. **नैतिकता की दुकान बंद हो गई**: किसी की आचारिकता या ईमानदारी की कमी।
42. **नामक घर में में रहकर भी रंग तो बदलना**: आपकी ज़िंदगी को बेहतर बनाने के लिए कठिनाइयों का सामना करना।
43. **नींद में तो राजा सांभाल करके खाता है, जगत में तो बेवकूफ ही खाता है**: व्यक्ति जो सपनों में सफल होता है, लेकिन वास्तविक जीवन में अज्ञान होता है।
44. **नून-सिंघासन की बातें**: किसी के सरकारी पद की छाया या मान-सम्मान के लिए बड़ी बातें करना।
45. **नेत्रहीन काजी के दरबार का नीचा**: अपनी असमर्थता के बावजूद बड़े दावों का पालन करने वाला व्यक्ति।
46. **नेत्रहीन काजी के दरबार का नीचा**: किसी के नुकसान के बावजूद वह अपने दावों को पालन करता है।
47. **नज़र तेज करना**: किसी की गतिविधियों को खुद से देखकर जानने की कोशिश करना।
48. **नेत्रहीन चिड़ीया के समान रंगीन दुनिया देखना**: बिना किसी माध्यम के अपनी सोचों को व्यक्त करना।
49. **नौ नौ ग्यारह होना**: बहुत बड़ा शादी का इंगीत होना।
50. **नौकरी का अलग ही मजा है**: किसी व्यक्ति के उसके काम में आने का मजा।
ये मुह
ावरे भारतीय सरकारी परीक्षाओं में अक्सर पूछे जाते हैं और उनके अर्थ और उपयोग को समझना महत्वपूर्ण हो सकता है।
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